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ग्राम स्वराज्य का सपना साकार कर सकती हैं पंचायतें-डा. बिन्दल

नाहन-30-जनवरी-विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने आज एसएफडीए हाॅल में नव निर्वाचित प्रधान और उप प्रधानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी ग्राम पंचायतें ग्राम स्वराज्य का सपना साकार कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्य  तिथि है और आज नव निर्चाचित प्रधानों और प्रधानों का शपथ ग्रहण समारोह एक विशेष संयोग है।
उल्लेखनीय है कि नाहन विकास खंड के तहत आज एसएफडीए हाॅल, नाहन में 35 पंचायतों के प्रधान और उप प्रधानों ने अपने पद की शपथ ली।
डा. बिन्दल ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि उन्हें आगामी पांच साल के अपने कार्यकाल में बिना किसी भेदभाव के समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प धारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर चुना गया प्रतिनिधि पंचायत का अपना व्यक्ति होता है और वह गांव और पंचायत की जरूरत को भलि प्रकार सझता है।
डा. राजीव बिन्दल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार ने ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और गांव-गांव के विकास के लिए 14वें और 15वें वित्तायोग के तहत करोड़ों रुपये की  धनराशि प्रदान की है जिससे हर गांव का स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने कहा कि आज ग्राम पंचायतों के चुनाव की और युवाओं का रूझान भी इसी लिए बढ़ रहा है, क्योंकि अब पंचायत प्रतिनिधि बनकर पंचायत में विकास करनेे की आपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर की सरकार ग्रामीण स्तर पर लोगों की जरूरतों और अपेक्षाआंे के अनुरूप शानदार कार्य कर रही है।
डा. बिन्दल ने कहा- ‘‘हमारा मानना है कि पंचायत एक ऐसी संस्था है जो ग्राम स्तर पर होने वाले सभी कार्यों का केन्द्र बिन्दु है। इस संस्थान के माध्यम से जहां बेहतरीन विकास कार्य हो सकते हैं वहीं गांव की स्वच्छता एवं सुन्दरता  के अलावा सामाजिक बुराई जैसे नशीले पदार्थों के सेवन क विरूद्ध पंचायतें अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं...!’’
डा. बिन्दल ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का आहवान किया कि वे सब मिलकर जहां विकास को सुनिश्चित बनाएं वहीं प्रत्येक गांव को स्वच्छ, सुन्दर और नशा मुक्त बनाने में अपनी भूमिका भी निभाएं। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर जो निर्णय लिए जाते हैं उसका प्रभाव और उसका कार्यान्वयन बहुत अच्छी प्रकार से होता है, क्योंकि इसमें स्थानीय लोगों की सहमति और उनकी जरूरतें शामिल होती हैं।
डा. बिन्दल ने कहा कि पंचायत और ग्रामीण स्तर पर होने वाले विकास कार्यों के लिए जब-जब उनकी जरूरत पड़ेगी वह सभी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेंगे और पंचायत और गांव के विकास की जो भी छोटी-बड़ी योजना उनके पास आएगी उसे पूरा करने का भरसक प्रयास किया करंेगे।